विश्व शान्ति कैसे हासिल हो ?
विश्व शान्ति कैसे हासिल हो ? ( विश्वशांति भाग-१) **************** विश्व शान्ति में दो शब्द हैं -एक विश्व और दूसरा शान्ति । हमें ये समझना होगा कि विश्व का भावार्थ क्या है ? और शान्ति का भावार्थ क्या है ? विश्व - तीन पदार्थों के सम्मिश्रण को विश्व कहते है । परमात्मा, जीवात्मा , माया , तीनो को अलग-अलग करके बोल देते है । एक जीव है , एक भगवान् है और एक माया है । हिन्दू फिलॉसफी के अनुसार इस विश्व में भगवान व्याप्त है । भगवान ने माया के द्वारा यह विश्व बनाया है और भगवान् विश्व में व्याप्त ही नही हो गया अपितु वो विश्व रुप हो गया - ये कहा जाता है । लेकिन यह भगवान् अव्यक्त है, दिखाई नहीं पड़ता । अब दूसरी पर्सनैलिटि है इस विश्व में जीव दिखाई देता हैं, अनुभव में आते हैं। वृक्ष से लेकर मनुष्य तक ये सब हम लोग देखते है । और तीसरी चीज है माया । जो आप पृथ्वी, जल , तेज वायु, आकाश आदि देखते हैं, जो जड़ हैं निर्जीव वस्तुएँ सब माया का विकार है। इन तीनो के मिश्रण का नाम है विश्व । इस विश्व की शान्ति हम चाहते हैंं । इस विश्व में जड़ वस्तु की तो कोई शान्ति होती नही कि कोई मिट्टी अशांत है, उसको शान्त करना है औ...