आत्म हत्या क्या समस्या का समाधान है या मुर्खता है ?
इस प्रश्न - आत्महत्या करके मर जाना समस्या का समाधान नहीं है । श्री महाराज जी का प्रबचन , तत्त्वज्ञान सुनिए उनके मुख से :- " तीन शरीर होते हैं। स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर, कारण शरीर यह तीन बंधन है प्रत्येक जीव के साथ, जो तीन शरीर से परे चला गया वह आनंदमय हो गया, मुक्त हो गया। किन्ही शब्दों में कह दीजिए। तो स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर, कारण शरीर। थोड़ा समझ लीजिए इसको। स्थूल शरीर तो आप जानते ही हैं, यह जो आपका है पंचमहाभूत का शरीर जिसमें हाथ पैर नाक कान आंख बने हैं। यह पांच, छ: फुट का शरीर जो आपका हाड़ मांस का है इसे कहते हैं स्थूल शरीर। एक सूक्ष्म शरीर होता है, सूक्ष्म शरीर हीं सबसे बलवान है और सूक्ष्म शरीर 18 तत्वों से बना है। उसमें 18 चीजें !! सूक्ष्म शरीर और 18 चीजें !! और स्थूल शरीर में पांच चीजें हैं। वाह ! क्या कमाल है। स्थूल शरीर में पृथ्वी जल तेज वायु आकाश कुल 5 , और सूक्ष्म शरीर में 18 तत्व हैं। पांच प्राण, पांच ज्ञानेंद्रिय, पांच कर्मेंद्रिय, मन बुद्धि अहंकार ये 18। पंचप्राण आप जानते होंगे - प्राण, अपान, उदान, समान, व्यान और पंच ज्ञानेंद्रिय भी आप जानते हैं आंख कान नासिका आदि। ...